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शहर में सूर्यास्त

सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'

उन्होंने जनता और ज़रायमपेशा औरतों के बीच की सरल रेखा को काटकर स्वास्तिक चिन्ह बना लिया है

कविताबोल के बारे में

कविताबोल कविता, कवियों और विचारशील पाठकों का जीवंत घर है।

Poetry, for Life कविताबोल का विश्वास है कि कविता जीवन के हर हिस्से में है—आनंद, शोक, प्रतिरोध, स्मृति, प्रेम, समाज और आत्मचिंतन में।

उद्देश्य

साहित्यिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पाठकों, कवियों और समुदायों को जोड़ने वाली समावेशी और टिकाऊ कविता पारिस्थितिकी बनाना तथा नई आवाज़ों को पोषित करना।

कविताबोल केवल सामग्री का मंच नहीं है। यह कविता के आसपास विश्वास, समुदाय, साहित्यिक निरंतरता और अंततः आर्थिक गरिमा बनाने का प्रयास है।

इसकी ज़रूरत क्यों है

कविता अलग-अलग द्वीपों में नहीं रहनी चाहिए।

स्थापित कवि अक्सर सीमित साहित्यिक वृत्तों में सक्रिय रहते हैं, जबकि अनेक उभरती आवाज़ों को उचित ध्यान नहीं मिल पाता। नए कवि साहित्यिक इतिहास और पहले से लिखे-विचारे गए संसार से भी कटे हुए महसूस कर सकते हैं।

एक सरल अभ्यास

अपनी कविता पढ़ें। किसी और कवि को भी पढ़ें।

कविताबोल का एक मूल अभ्यास है—कवि अपनी एक रचना और किसी ऐसे प्रिय कवि की एक रचना साझा करें जिसे मंच पर अभी पर्याप्त रूप से नहीं पढ़ा गया है।

हमारे मूल मूल्य

आधारभूत सिद्धांत

प्रामाणिकता

कविताबोल मौलिक, ईमानदार और उचित श्रेय वाली साहित्यिक रचनाओं का सम्मान करता है।

सम्मानपूर्ण आलोचना

साहित्य असहमति और विचार को आमंत्रित करे, लोगों का अपमान नहीं।

साहित्यिक चोरी नहीं

रचना को अपना स्थान ईमानदारी से मिले, नकल या चोरी से नहीं।

संपादकीय स्वतंत्रता

प्रकाशन के निर्णय खरीदे, दबाव में लिए या राजनीतिक रूप से नियंत्रित न हों।

समान अवसर

उभरते कवि भी उतने ही गंभीर ध्यान के अधिकारी हैं जितने स्थापित नाम।

न्यायपूर्ण मानदेय

कविताबोल ऐसे तंत्र बनाना चाहता है जिनमें कवियों को सम्मानपूर्ण प्रतिफल मिल सके।

मंच का दर्शन

हमारा उद्देश्य विचारशील पाठक बनाना है, लत नहीं।

कविताबोल अंतहीन स्क्रॉलिंग से अधिक आत्मचिंतन, वरिष्ठता से अधिक उत्तरदायित्व, लोकप्रियता से अधिक विश्वास और त्वरित उत्तेजना से अधिक साहित्यिक गहराई को बढ़ावा देता है।

कविता—सोचने का एक तरीका
पाठक—विचारशील नागरिक
कवि—सम्मानित रचनाकार
तकनीक—साहित्य की सहायक
लोकप्रियता से ऊपर समुदाय
वायरल होने से ऊपर विश्वास