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शहर में सूर्यास्त

सुदामा पाण्डेय 'धूमिल'

उन्होंने जनता और ज़रायमपेशा औरतों के बीच की सरल रेखा को काटकर स्वास्तिक चिन्ह बना लिया है

मनीष कुमार यादव
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परिचय

मनीष कुमार यादव

1990–Azamgarh, Uttar Pradesh, India

मनीष कुमार यादव हिंदी के युवा कवि हैं।

कविताएँ

मनीष कुमार यादव की कविताएँ

एक कविता दोस्ती पर

कवि: मनीष कुमार यादव

खुद को गुवेरा, मुक्तिबोध, मार्क्स और विद्रोही की कड़ी का हिस्सा मानने वाले ये दोस्त चाहते हैं दूर रखना अपनी ज़िन्दगी को विचारधारा और आन्दोलन के साए से भी

शबनम की ईद

कवि: मनीष कुमार यादव

एक समय था सृष्टि में हर ओर शबनम व्याप्त थी भगवान और अल्लाह नहीं थे तब भी वहाँ पर्याप्त थी उसके होने से ही तो पहले वहाँ इंसान आए फिर ख़ुदा-भगवान आए और फिर झगड़े हुए पिछलों से भी तगड़े हुए

किताबें

मनीष कुमार यादव की किताबें

सूखा पेड़ अमर रहे

सूखा पेड़ अमर रहे

लेखक: मनीष कुमार यादव

Amazon Digital Publishing - 2024 - हिन्दी

मनीष कुमार यादव द्वारा रचित हिंदी काव्य-संग्रह 'सूखा पेड़ अमर रहे'। इस संग्रह में 'एक कविता दोस्ती पर' जैसी मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों को उकेरती कविताएं शामिल हैं।